कैमूर साइबर पुलिस की बड़ी कामयाबी: ठगों के चंगुल से वापस लाए रिटायर आर्मी कैप्टन के 3 लाख रुपये।
September 10, 2026
| रिपोर्टर: परवेज़ खान
भभुआ, कैमूर:
डिजिटल युग में जहां एक ओर बैंकिंग सुविधाएं आसान हुई हैं, वहीं साइबर ठगी के मामलों में भी तेजी से इजाफा हुआ है। कैमूर जिले में लगातार बढ़ रहे साइबर फ्रॉड के मामलों से आम जनता खासी परेशान है। हालांकि, कैमूर साइबर थाना इन अपराधियों पर नकेल कसने और पीड़ितों को उनका पैसा वापस दिलाने में लगातार मुस्तैदी दिखा रहा है। एक ऐसी ही राहत भरी खबर भगवानपुर थाना क्षेत्र के परामलपुर गांव से आई है, जहां साइबर पुलिस की तत्परता से एक रिटायर आर्मी कैप्टन की खून-पसीने की कमाई लुटने से बच गई।
घटना का घटनाक्रम
भगवानपुर थाना क्षेत्र के परामलपुर गांव निवासी और सेना से रिटायर कैप्टन परमा सिंह बीते 27 जुलाई को अपने बैंक खाते से जुड़ी एक समस्या के समाधान के लिए भभुआ स्थित एसबीआई (SBI) ब्रांच जा रहे थे। रास्ते में ही उनके मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉलर ने खुद को एसबीआई योनो (SBI YONO) का अधिकारी बताया और खाते की समस्या को तुरंत सुलझाने का झांसा दिया।
ठग ने कैप्टन परमा सिंह के मोबाइल पर एक लिंक भेजा और उस पर क्लिक कर कुछ निर्देश फॉलो करने को कहा। असली बैंक अधिकारी समझकर कैप्टन साहब ठग के बताए अनुसार प्रक्रिया करते गए। चंद मिनटों के भीतर ही उनके खाते से 3 लाख रुपये की अवैध निकासी हो गई। जब उन्हें शक हुआ और उन्होंने उस नंबर पर दोबारा कॉल किया, तो मोबाइल स्विच ऑफ मिला। तब जाकर कैप्टन को एहसास हुआ कि वे साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुके हैं।
त्वरित कदम और पुलिस की कार्रवाई
ठगी का अहसास होते ही कैप्टन ने सूझबूझ से काम लिया। उन्होंने बिना समय गंवाए तत्काल भगवानपुर स्थित एसबीआई ब्रांच जाकर अपना अकाउंट ब्लॉक करवाया ताकि आगे कोई निकासी न हो सके। इसके बाद उन्होंने भभुआ साइबर थाने पहुंचकर मामला दर्ज कराया।
शिकायत मिलते ही साइबर थाना की डीएसपी नीतू सिंह और उनकी टीम तुरंत एक्शन में आ गई। साइबर सेल ने तकनीकी जांच शुरू की, ट्रांजेक्शन को होल्ड करवाया और सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं। पुलिस की इसी मेहनत का नतीजा रहा कि महज दो महीने के भीतर ठगी गई तीन लाख रुपये की पूरी रकम कैप्टन परमा सिंह के खाते में सकुशल वापस आ गई।
पुलिस के सेवाभाव को कैप्टन का सलाम
अपनी जीवन भर की कमाई वापस पाकर रिटायर कैप्टन परमा सिंह काफी खुश और भावुक नजर आए। उन्होंने साइबर डीएसपी नीतू सिंह और थाने के सभी कर्मियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, "अगर समय रहते साइबर थाने ने सहयोग नहीं किया होता, तो आज मेरी गाढ़ी कमाई लुट गई होती।" उन्होंने पुलिस के जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि जिस तरह सेना के जवान सरहद पर देश की रक्षा करते हैं, उसी तरह देश की पुलिस नागरिकों की सेवा कर रही है और आम जनता की हर समस्या का निदान कर रही है।
आम जनता के लिए साइबर सुरक्षा टिप्स:
अनजान लिंक से बचें: किसी भी अनजान नंबर से आए मैसेज या लिंक पर कभी क्लिक न करें।
गोपनीयता बनाए रखें: बैंक कभी भी फोन पर आपका पिन (PIN), पासवर्ड या ओटीपी (OTP) नहीं मांगता।
त्वरित सूचना दें: किसी भी प्रकार का फ्रॉड होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी थाने जाएं।
खाता ब्लॉक करें: फ्रॉड की आशंका होते ही सबसे पहले अपने बैंक को सूचित कर खाते को फ्रीज करवाएं।
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