कैमूर: 5 माह से बकाया मजदूरी और फर्जीवाड़े पर बवाल, डीएम दरबार पहुंची महिला कर्मियों से DPO की कथित बदसलूकी के बाद कलेक्ट्रेट में भारी हंगामा।
September 11, 2026
| रिपोर्टर: परवेज़ खान
कैमूर (बिहार) | रिपोर्ट: परवेज खान
कैमूर जिला समाहरणालय परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब मनरेगा योजना के तहत कार्यरत दर्जनों महिला वनपोषक कर्मियों ने कलेक्ट्रेट में जमकर हंगामा किया। पिछले पांच महीनों से मानदेय न मिलने और अपनी जगह फर्जी नामों पर हाजिरी बनाकर सरकारी राशि गबन करने का आरोप लगाते हुए ये महिलाएं न्याय की गुहार लगाने जिला मुख्यालय पहुंची थीं।
पांच माह से मानदेय बकाया, फर्जी हाजिरी का आरोप
रामगढ़ प्रखंड अंतर्गत सिसौड़ा पंचायत से पहुंचीं महिला कर्मियों का कहना है कि वे लगातार वनपोषक के रूप में काम कर रही हैं, लेकिन बीते पांच महीनों से उन्हें एक रुपये का भी भुगतान नहीं किया गया है।
फर्जीवाड़े का आरोप: महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनकी हाजिरी काटने के साथ-साथ अन्य फर्जी लोगों के नाम पर उपस्थिति दर्ज कर सरकारी राशि की बंदरबांट की जा रही है।
अधिकारियों पर सवाल: कर्मियों ने इस पूरे खेल में रामगढ़ के मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी (PO) और कैमूर के मनरेगा डीपीओ (DPO) संजय कुमार की भूमिका पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए।
डीएम के निर्देश पर डीडीसी से मिलने जा रही थीं कर्मी, रास्ते में हुआ विवाद
महिलाएं अपनी शिकायत लेकर सबसे पहले जिलाधिकारी कुमार अनुराग के पास पहुंचीं। डीएम ने उनकी शिकायत सुनने के बाद मामले के त्वरित निस्तारण के लिए उप विकास आयुक्त (डीडीसी) से मिलकर आवेदन देने का निर्देश दिया।
पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि जब वे डीडीसी कार्यालय की ओर बढ़ रही थीं, तभी मनरेगा डीपीओ संजय कुमार ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। महिलाओं का दावा है कि डीपीओ ने उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया और धमकाते हुए वहां से चले जाने को कहा। अधिकारी के इस रवैये से नाराज होकर महिलाओं का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने समाहरणालय में ही डीपीओ के खिलाफ जोरदार हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी।
जांच के बाद होगी कार्रवाई: डीडीसी
हंगामे की सूचना मिलते ही मीडियाकर्मी मौके पर पहुंचे, जहां रोती-बिलखती महिलाओं ने अपने 5 महीने के बकाया भुगतान और पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग रखी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कैमूर के डीडीसी रोहित कर्दम ने कहा कि महिला कर्मियों के वेतन भुगतान में आ रही अड़चनों की पड़ताल कराई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वेतन किस कारण से रुका हुआ है और धरातल पर क्या स्थिति है, इसकी पूरी जांच मनरेगा डीपीओ और स्थानीय पीओ के स्तर से विस्तृत रिपोर्ट तलब कर की जाएगी। दोषियों पर जांच रिपोर्ट के आधार पर विधि सम्मत कार्रवाई होगी।
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