कैमूर: भभुआ में बसपा की अहम संगठनात्मक बैठक; बूथ स्तर पर संगठन विस्तार का निर्देश, विपक्ष के 'नीले गमछे' पर साधा निशाना
भभुआ (कैमूर): भभुआ शहर स्थित गणेश वाटिका में बुधवार को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में बिहार के विभिन्न जिलों से पहुंचे पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य एजेंडा संगठन को जमीनी स्तर पर धार देना, सेक्टर और बूथ कमेटियों की समीक्षा करना और आगामी राजनीतिक रणनीतियों को अंतिम रूप देना रहा।
बैठक की शुरुआत बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर और बसपा के संस्थापक मान्यवर कांशीराम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कैमूर जिलाध्यक्ष अयोध्या राम ने की, जबकि मंच संचालन विशंभर नाथ यादव द्वारा किया गया।
बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने के निर्देश
बैठक में उपस्थित केंद्रीय व राज्यस्तरीय नेतृत्व ने सभी जिलाध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे संगठन को हर एक बूथ तक मजबूत करें।
- जोन, जिला, विधानसभा, सेक्टर और बूथ कमेटियों की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की गई।
- कार्यकर्ताओं को लगातार जनता के बीच रहकर संवाद स्थापित करने और जनसमस्याओं को उठाने को कहा गया।
- आगामी 9 अक्टूबर को बसपा संस्थापक मान्यवर कांशीराम साहब के महापरिनिर्वाण दिवस को बड़े पैमाने पर मनाने का निर्णय लिया गया, जिसके लिए व्यापक तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए गए।
मायावती को 2029 में पीएम बनाने का संकल्प
बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं ने आगामी राजनीतिक अभियानों को लेकर संकल्प लिया। पार्टी नेताओं ने वर्ष 2029 के आम चुनाव में बसपा सुप्रीमो मायावती को देश का प्रधानमंत्री बनाने और उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में उन्हें पुनः मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ काम करने का आह्वान किया।
'सिर्फ नीला गमछा डालने से कोई अंबेडकरवादी नहीं बनता'
बसपा के केंद्रीय स्टेट प्रभारी डॉ. लाल जी मेधानकर और मुख्य जोन प्रभारी संतोष कुमार ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नीला रंग बाबा साहब डॉ. अंबेडकर की विचारधारा और बहुजन संघर्ष का प्रतीक है, लेकिन आज कुछ दल इसका केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। नेताओं ने कहा:
"राहुल गांधी द्वारा नीला गमछा ओढ़ना या अखिलेश यादव द्वारा अपने कार्यकर्ताओं को नीला गमछा पहनाना केवल दिखावा है। सिर्फ प्रतीक अपना लेने से कोई सच्चा अंबेडकरवादी नहीं बन जाता; इसके लिए मान्यवर कांशीराम और बाबा साहब के विचारों को अंतरात्मा से स्वीकार करना पड़ता है।"
प्रमुख नेताओं की उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बसपा के केंद्रीय स्टेट प्रभारी (बिहार) डॉ. लाल जी मेधानकर उपस्थित रहे। इनके अलावा विशिष्ट अतिथियों में एलजी बौद्ध (केंद्रीय प्रभारी), शंकर महतो (बसपा बिहार प्रदेश अध्यक्ष), संतोष कुमार (मुख्य जोन प्रभारी सह पूर्व लोकसभा प्रत्याशी, सासाराम), सतीश कुमार सिंह (विधायक, रामगढ़) और पिंटू यादव शामिल हुए। साथ ही भागीरथ पाल, संतोष कुमार, लल्लन राम, जितेंद्र कुमार सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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