September 11, 2026
| रिपोर्टर: परवेज़ खान
सिरसी निवासी पूर्व शिक्षक लालता सिंह का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर; पूर्व प्रत्याशी, मुखिया व समाजसेवियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
सिरसी/चैनपुर:क्षेत्र के जाने-माने वयोवृद्ध सेवानिवृत्त शिक्षक लालता सिंह का निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही सिरसी गांव समेत आसपास के पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। वह एक लंबे समय से समाज और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। उनके निधन को स्थानीय लोगों ने क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है।
शिक्षा और समाज सेवा में अद्वितीय योगदान
दिवंगत लालता सिंह ने अपने सेवाकाल के दौरान अनगिनत विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर उनके भविष्य को संवारा। एक शिक्षक के रूप में अत्यंत अनुशासनप्रिय और सौम्य स्वभाव के धनी लालता सिंह सेवानिवृत्ति के बाद भी सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। गांव के विकास, आपसी सौहार्द और युवाओं को सही दिशा दिखाने में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़े जनप्रतिनिधि और ग्रामीण
उनके निधन की सूचना मिलते ही अंतिम दर्शन करने और शोक-संतप्त परिवार को सांत्वना देने वालों की भीड़ उनके आवास पर जुट गई। पूर्व विधानसभा प्रत्याशी ददुआ सिंह, पूर्व मदुरना मुखिया प्रभु नारायण सिंह तथा मुखिया सुबास सिंह सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और ग्रामीणों ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
- पूर्व विधानसभा प्रत्याशी ददुआ सिंह ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि लालता सिंह जी का जाना पूरे क्षेत्र के लिए एक बड़े अभिभावक को खोने जैसा है। उनका सरल जीवन और विचार हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे।
- पूर्व मदुरना मुखिया प्रभु नारायण सिंह ने कहा कि वे केवल एक शिक्षक ही नहीं, बल्कि समाज के सच्चे मार्गदर्शक थे। उन्होंने सदैव समाज को जोड़ने का काम किया।
- मुखिया सुबास सिंह ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विचार और आदर्श हमेशा हमारे बीच जीवित रहेंगे।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों और ग्रामीणों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। गांव एवं चैनपुर:
क्षेत्र के जाने-माने वयोवृद्ध सेवानिवृत्त शिक्षक लालता सिंह का निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही सिरसी गांव समेत आसपास के पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। वह एक लंबे समय से समाज और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। उनके निधन को स्थानीय लोगों ने क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है।
शिक्षा और समाज सेवा में अद्वितीय योगदान
दिवंगत लालता सिंह ने अपने सेवाकाल के दौरान अनगिनत विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर उनके भविष्य को संवारा। एक शिक्षक के रूप में अत्यंत अनुशासनप्रिय और सौम्य स्वभाव के धनी लालता सिंह सेवानिवृत्ति के बाद भी सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। गांव के विकास, आपसी सौहार्द और युवाओं को सही दिशा दिखाने में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़े जनप्रतिनिधि और ग्रामीण
उनके निधन की सूचना मिलते ही अंतिम दर्शन करने और शोक-संतप्त परिवार को सांत्वना देने वालों की भीड़ उनके आवास पर जुट गई। पूर्व विधानसभा प्रत्याशी ददुआ सिंह, पूर्व मदुरना मुखिया प्रभु नारायण सिंह तथा मुखिया सुबास सिंह सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और ग्रामीणों ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
पूर्व विधानसभा प्रत्याशी ददुआ सिंह ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि लालता सिंह जी का जाना पूरे क्षेत्र के लिए एक बड़े अभिभावक को खोने जैसा है। उनका सरल जीवन और विचार हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे।
पूर्व मदुरना मुखिया प्रभु नारायण सिंह ने कहा कि वे केवल एक शिक्षक ही नहीं, बल्कि समाज के सच्चे मार्गदर्शक थे। उन्होंने सदैव समाज को जोड़ने का काम किया।
मुखिया सुबास सिंह ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विचार और आदर्श हमेशा हमारे बीच जीवित रहेंगे।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों और ग्रामीणों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।