जदयू राष्ट्रीय महासचिव मनीष वर्मा का कैमूर में भव्य स्वागत: बेतरी पंचायत मुखिया और भभुआ प्रमुख ने की अगुवाई
September 15, 2026
| रिपोर्टर: परवेज़ खान
भभुआ (कैमूर): आगामी विधानसभा चुनाव 2026 की आहट और सांगठनिक बदलाव की अटकलों के बीच, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाने वाले मनीष वर्मा का कैमूर दौरा सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। सोमवार, 15 सितंबर 2026 को भभुआ प्रखंड के बेतरी पंचायत के मुखिया श्रवण पटेल के आवास पर आयोजित एक भव्य मिलन समारोह में श्री वर्मा का ज़ोरदार स्वागत किया गया।
सैकड़ों कार्यकर्ताओं के बीच गूंजा 'मनीष वर्मा जिंदाबाद' का नारा
बेतरी पंचायत के मुखिया श्रवण पटेल की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में राष्ट्रीय महासचिव के पहुंचते ही माहौल 'मनीष वर्मा जिंदाबाद' और 'जदयू जिंदाबाद' के नारों से गूंज उठा। मुखिया श्रवण पटेल और भभुआ प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि देवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ गुरु सिंह ने मनीष वर्मा को फूलों का बड़ा हार पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी बारी-बारी से उन्हें माला पहनाई और प्रतीक चिन्ह भेंट कर अपनी एकजुटता और सम्मान व्यक्त किया।
दौरे का उद्देश्य:'अपनों' से मिलना और मतभेदों को दूर करना
इस अवसर पर मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए जदयू राष्ट्रीय महासचिव मनीष वर्मा ने अपने दौरे के उद्देश्य को बिल्कुल स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, "मेरे इस दौरे का केवल एक ही मुख्य उद्देश्य है - अपने लोगों से मिलना, उनका हालचाल जानना, पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच जाकर उनकी बातों को सुनना और समझना। राजनीति में काम करते समय अगर कहीं कोई छोटा-मोटा मतभेद पैदा हो जाता है, तो उसे बातचीत के जरिए दूर करना।" उन्होंने कैमूर की जनता की तारीफ करते हुए कहा कि वे यहां विधानसभा चुनाव के दौरान भी आए थे। वर्मा ने कहा, "यहाँ के लोग मृदुल और समझदार हैं। वे मेरे परिवार की तरह हैं और उनकी राजनीति पर अच्छी पकड़ है।"
जिलाध्यक्ष की अनुपस्थिति पर बोले मनीष वर्मा: "गलत अर्थ न निकालें, परिवार बड़ा है"
दौरे के दौरान जदयू के वर्तमान जिलाध्यक्ष की अनुपस्थिति को लेकर पूछे गए सवाल पर राष्ट्रीय महासचिव ने बेहद संयत और सधा हुआ जवाब दिया। उन्होंने कहा, "जब परिवार बड़ा होता है, तो थोड़े-बहुत मतभेद स्वाभाविक हैं। वे (जिलाध्यक्ष) रूठे हुए नहीं हैं, बल्कि किसी आवश्यक कार्यवश उपस्थित नहीं हो सके। उनकी अनुपस्थिति का कोई गलत अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए।"
हालाँकि, मनीष वर्मा के इस बयान के बावजूद सांगठनिक सूत्रों की मानें तो राष्ट्रीय महासचिव का यह आगमन अपने समाज के लोगों और प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर आगामी चुनाव के लिए एक नई और प्रभावी रणनीति तैयार करने का हिस्सा है। सूत्रों के अनुसार, कैमूर जदयू में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। काफी संख्या में कार्यकर्ता वर्तमान जदयू जिलाध्यक्ष की कार्यशैली से खफा हैं और उनमें स्पष्ट रूप से आक्रोश भी देखा गया, जिसकी झलक राष्ट्रीय महासचिव के कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष की अनुपस्थिति के रूप में सामने आई।
पटेल समाज की भारी उपस्थिति और जिलाध्यक्ष पद की दावेदारी
इस मिलन समारोह में जिले भर से पटेल समाज के दिग्गज नेताओं और गणमान्य लोगों की भारी उपस्थिति देखने को मिली। उल्लेखनीय है कि यह मिलन समारोह मूलतः भभुआ प्रखंड के सिवो एवं मोकरी गांव में आयोजित किया गया था। इस भव्य आयोजन के बाद बेतरी पंचायत के मुखिया श्रवण पटेल ने अपने आवास पर एक विशाल भोज का भी आयोजन किया था, जहाँ सैकड़ों लोगों ने भोजन ग्रहण किया और आपस में विचार-विमर्श किया।
समारोह के दौरान मौजूद प्रमुख चेहरों में राजु सिंह पटेल, अधिवक्ता सुशील सिंह, गुप्तनाथ सिंह, रामायण सिंह, विजय सिंह, बबलू सिंह, जदयू के पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश आर्य, अजय प्रताप सिंह (भभुआ प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि) के अलावा जिले के सैकड़ों गणमान्य लोग और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
मुखिया श्रवण पटेल की दावेदारी की अटकलें और उनकी प्रतिक्रिया
सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, बेतरी पंचायत के मुखिया श्रवण पटेल वर्तमान जिलाध्यक्ष की कार्यशैली से असंतुष्ट गुट के नेतृत्वकर्ता के रूप में उभर रहे हैं और वे स्वयं जदयू जिलाध्यक्ष पद की सशक्त दावेदारी में हैं। इस मिलन समारोह का अचानक और भव्य आयोजन भी उनकी इसी दावेदारी को मजबूती प्रदान करने की एक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
जब यह सीधा सवाल मुखिया श्रवण पटेल से पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "मनीष वर्मा जी हमारे अभिवावक हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने उनकी सफल कार्यशैली को देखकर ही उन्हें इतना बड़ा पद दिया है। वे हमारे दरवाजे पर आए, यह हमारे पंचायत, प्रखंड और पूरे जिले के लिए गर्व की बात है।" जिलाध्यक्ष पद की दावेदारी पर उन्होंने बेहद संभलकर जवाब दिया: "कौन क्या समझता है और कौन क्या बोल रहा है, मैं उस पर नहीं जाता। लेकिन मैं मानता हूँ कि एक प्रतिनिधि को केवल अपनों के बीच सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पूरे समाज के लिए काम करना चाहिए। मैं पार्टी का एक सच्चा सिपाही हूँ। अगर पार्टी भविष्य में मुझे कोई भी जिम्मेदारी देती है, तो श्रवण पटेल उसे निभाने में पीछे नहीं हटेगा।"
जदयू राष्ट्रीय महासचिव मनीष वर्मा का यह कैमूर दौरा, जिसमें एक गुट का उत्साह और दूसरे गुट (जिलाध्यक्ष समर्थकों) की अनुपस्थिति स्पष्ट रूप से दिखी, ने जिले की जदयू की राजनीति में आगामी सांगठनिक बदलाव और विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के लिए कैमूर में व्याप्त इस आंतरिक गतिरोध को दूर करना एक बड़ी चुनौती होगी।
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